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वित्तमंत्री ने लगातार दूसरे दिन इनके लिए किए बड़े ऐलान - आर्थिक पैकेज में इन सेक्टर के लिए वरदान

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  वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण आज लगातार दूसरे दिन आर्थिक पैकेज के बारे में अपनी घोषणाएं की।   आज कृषि, श्रम सुधार, ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए आज बड़े ऐलान किए है।  आइये जानते हैं आज वित्तमंत्री ने कौन-कौन से सेक्टर के लिए बड़ी घोषणाएं की हैं.... एक राज्य में बने राशन कार्ड से दूसरे राज्य में भी मिलेगा राशन। जिनके पास राशन कार्ड नहीं है उनको पांच किलो चावल, गेंहू और एक किलो चना मुफ्त मिलेगा. किसानों के कर्ज पर छूट 31 मई तक कर दी गई है.। आदिवासी इलाकों में नौकरी पैदा करने के लिए 6 हजार करोड़ का फंड दिया जाएगा. 8 करोड़ प्रवासी मजदूरों के लिए 3500 करोड़ का खर्च सरकार वहन करेगी.।।। मुद्रा शिशु लोन के तहत 50 हजार तक के लोन पर तीन महीने के मोरारटेरियम लेने वाले लोगों को ईएमआई जमा करने पर 2 फीसदी छूट मिलेगी. 10 से कम वाली कंपनी के कर्मचारियों को भी ESIC के दायरे में लाने का प्रयास 11 हजार करोड़ रुपये SDRF के जरिए गांवो में बनाए गए शेल्टर होम के लिए भेजा गया घरो में काम करने वाले, सड़कों पर ठेला लगाने वालों 50 लाख लोगों के लिए प्रति व्यक्ति को 10 हजार रुपये की म...

आम लोगों को आर्मी में शामिल करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही सेना, मिलेंगी ये सुविधाएं

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प्रतिभाशाली युवाओं को आर्मी की तरफ आकर्षित करने के लिए Indian Army एक नए प्रस्ताव पर विचार कर रही है.  इसमें युवाओं को केवल तीन साल के लिए सेना में काम करना होगा और इसके बाद वो वापस दूसरे करियर में जा सकते हैं. अभी किसी अफसर को कम से कम 10 साल तक सेना में काम करना होता है. इसे टूर-टू ड्यूटी (Tour to Duty) नाम दिया गया है. सेना के प्रवक्ता कर्नल अमन आनंद ने कहा कि इस प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है और इससे सेना में अच्छे युवाओं को आने का मौका मिलेगा.  तीन साल के बाद सेना छोड़ने पर उन्हें पेंशन तो नहीं मिलेगी लेकिन कई दूसरे लाभ मिलेंगे जिनमें भविष्य के करियर के लिए प्रशंसापत्र भी शामिल होंगे.  इसमें पुरुष और महिला दोनों को ही मौका मिलेगा.  साथ ही सेना के ऊपर आर्थिक बोझ भी कम पड़ेगा. सेना में लंबे अरसे से अफसरों की कमी है क्योंकि युवा सेना में जाना तो चाहते हैं लेकिन बहुत लंबे समय तक सेना में काम करने से कतराते हैं  इस पर सेना के आला अधिकारी विस्तार से चर्चा कर चुके हैं. संभावना है कि कुछ ही महीनों में इसे अंतिम रूप से दिया जाएगा. यानि युवाओ...

जानिए किसको क्या मिला? निर्मला सीतारमण ने की ये बड़ी घोषणाएं...

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया, आइये जानते हैं वित्त मंत्री ने अपने भाषण में क्या-क्या कहा है... लोकल ब्रांड को ग्लोबल पहचान दिलाना है.  जनधन, आधार और मोबाइल से गरीब तबकों को बड़ी राहत मिली है।।.    सेनीटाइजर का साइड इफेक्ट जा नेclick here डीबीटी के जरिए लोगों के खाते में सीधे पैसे पहुंच रहे हैं, किसी को बैंक तक जाने की जरूरत भी नहीं पड़ रही है. उज्जवला योजना से महिलाओं को मुफ्त में गैस कनेक्शन मिला है. आरबीआई ने लोन में मध्यम वर्ग को राहत दी है. 30% लोन लेने वाले  ग्राहकों ने अप्रैल में मॉरिटोरियम लिया सरकार पहले ही प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज की घोषणा कर दी है. 41 करोड़ बैंक खातों में 43 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा ट्रांसफर किए गए हैं.  71738 मीट्रिक टन दाल वितरित की गई है.  18 हजार करोड़ रुपये का टैक्स रिफंड करदाताओं को दिया गया है.  इससे 14 हजार करोड़ करदाताओं को लाभ मिलेगा. कुटीर लघु उद्योग के लिए छह कदम उठाने की सरकार ने की घोषणा. MSME के लिए 3 लाख करोड़ के पैकेज का ऐलान कु...

लक्ष्मीकांत पॉलिटी का बुक डाउनलोड

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लक्ष्मीकांत पॉलिटी का बुक डाउनलोड:- DOWNLOAD CLICK HERE   अधिक जानकारी के लिए और वेबसाइट पर और भी पढ़ें और जानकारी प्राप्त कर सकते हैं

अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस INTERNATIONAL NURSES DAY

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अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस:- आधुनिक नर्स की जननी फ्लोरेंस नाइटेंगल की याद में प्रतिवर्ष अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस 12 मई को मनाया जाता है।अंतरराष्ट्रीय नर्स परिषद (icn) ने इसे दिवस को पहली बार में 1965 में बनाया था ।   फ्लोरेंस नाइटेंगल    मरीजों और रोगियों सेवा की इन्होंने क्रीमिया युद्ध के दौरान घायल सैनिकों की लालटेन लेकर समर्पण से सेवा करने के कारण ही इसने LADY WITH THE LAMP कहां गया। इंटरनेशनल नर्सेज डे की थीम:-   2020:- Nurses: A voice to lead - Nursing the World to Health  2019 की थीम थी health for all नेशनल फ्लोरेंस नाइटेंगल पुरस्कार:- नर्सों के कार्य एवं सराहनीय के लिए  भारत सरकार के  परिवार एवं कल्याण मंत्रालय  ने  नेशनल फ्लोरेंस नाइटेंगल पुरस्कार  की शुरुआत की   थी। पुरुस्कार प्रत्येक वर्ष फ्लोरेंस नाइटेंगल के जन्म दिवस के अवसर पर दिया जाता है । यह पुरस्कार भारत के राष्ट्रपति के द्वारा प्रदान किए जाते हैं । नेशनल नाइटेंगल फॉरेंस पुरस्कार में ₹50000 का नगद और एक प्रशस्ति पत्र और मैडल साथ मे...

राष्ट्रीय महिला आयोग - आजकल चर्चा में क्यों? आयोग की सम्पूर्ण जानकारी NATIONAL COMMISSION FOR WOMEN

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राष्ट्रीय महिला आयोग चर्चा में क्यों? जैसा कि करोना वायरस के कारण  लॉक डाउन में भारत सहित अन्य देशों में भी घरेलू हिंसा के मामले आए हैं । राष्ट्रीय महिला आयोग (अध्यक्ष-रेखा शर्मा)  के अनुसार कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लागू किए गए देशव्यापी लॉकडॉन के पश्चात अब तक लिंग आधारित हिंसा और घरेलू हिंसा के मामलों में दोगुनी वृद्धि हुई है ।इसके अलावा महिलाओं की शिकायतें के प्रति पुलिस की उदासीनता के मामलों में भी लगभग तीन गुनी वृद्धि हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार लॉकडाउन के दौरान महिलाओं के साथ साइबर क्राइम की घटनाओं में अच्छी-खासी बढ़त देखने को मिली है। घरों में रहने को मजबूर अपराधी महिलाओं को ऑनलाइन ब्लैकमेल कर वसूली की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग के अनुसार इस प्रकार की शिकायतों में वृद्धि का मुख्य कारण यह है कि लगभग संपूर्ण पुलिस व्यवस्था देशव्यापी लॉकडॉन को लागू करने में व्यस्त है। वह महिलाओं को सुझाव दिया है कि जागरूक होकर डिजिटल मीडिया के जरिए या हेल्पलाइन पर सरकार अथवा पुलिस तक अपनी आपबीती सुनाई इससे उनको मदद के लिए तुरंत कार्यवाही की ज...

सेनीटाइजर के उपयोग का दुष्प्रभाव .. SIDE EFFECTS OF HAND SANITIZER ON SKIN

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सेनेटाइजर का प्रतिदिन उपयोग करने से प्रभाव:- SIDE EFFECTS OF HAND SANITIZER ON SKIN:- 1.  सेनेटाइजर का प्रयोग तभी करना चाहिए जब हाथ धोना बिल्कुल संभव नही हो। हम सभी पहले से कहीं ज्यादा हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग कर रहे हैं।  जब भी हाथ धोना संभव नहीं हो तो उचित हैंडवाशिंग और सेनिटाइज़र का उपयोग करके हम सभी को बैक्टीरिया और वायरस से बचा सकते हैं।  जब आप बाहर होते हैं, एक कार में सवारी करना, पार्क में खेलना या सिर्फ खरीदारी करना, हाथ धोने के लिए साबुन और पानी का उपयोग करना हमेशा संभव नहीं होता है।  यह वह जगह है जहाँ हम सभी को अपने अल्कोहल-आधारित हैंड सैनिटाइज़र पर निर्भर रहना पड़ता है। आज कोरोना महामारी में सरकार भी सिफारिश कर रही है सेनेटाइजर का प्रयोग करने के लिये लेकिन इसके कुछ दुष्प्रभाव भी है जो हम साझा कर रहे हैं जो निम्न है:- 2.सेनेटाइजर कभी भी आपके हाथ की गंदगी ठीक से नहीं निकालती:- हैंड सैनिटाइज़र गंदगी को दूर नहीं करता है और हाथों को गंदे होने पर कीटाणुओं को मारने में कम प्रभावी होता है।  3. यदि आप हैंड सैनिटाइज़र को निगलना चाहते हैं,...

आज फिर मानवता कराह रही, कहां हो तथागत? (बुद्ध को आज जरूरत है) ------ नीरज माधव

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आज फिर मानवता कराह रही, कहां हो तथागत? आज जब पूरा विश्व भयंकर रूप से महामारी से लड़ रही है अर्थात आज जब भयभीत मानव तीसरे विश्व युद्ध की आहट सुन-सुनकर भय और दुख के महासागर में डूब रहा है; स्त्रियों-बच्चियों के साथ अत्याचार से पूरी धरती कंपित हो रही है, तब उस दिव्य संन्यासी की याद आना बहुत स्वाभाविक है, जिसने दुखों से निवृत्ति के लिए एक मार्ग दिया; जिसने युद्ध से विरत रहने और मैत्री, करुणा का संदेश दिया । जय शंकर प्रसाद की इस लंबी कविता में बौद्ध धर्म का पूरा दर्शन सिमट आया है। महादेवी और निराला ने भी भगवान बुद्ध पर लिखा है।  छायावाद युग के कवियों की रचनाओं से गुजरने के बाद एक स्वाभाविक जिज्ञासा उत्पन्न होती है कि इस युग के लगभग सभी कवि आखिर क्यों गए होंगे तथागत और उनकी करुणा, अहिंसा की शरण में? तो बड़ा कारण सामने आता है- दो विश्व युद्धों की विभीषिका यह युग देख चुका था और दोनों एक से बढ़कर एक संहारक। मानवता कराह रही थी। हिरोशिमा, नागासाकी के बच्चे, बूढ़े, स्त्रियां हिंसक विश्व-नेताओं को उनकी विद्रूपता दिखा रहे थे, जैसे कह रहे हों- तुमने धरती को रहने लायक नहीं छोड़ा। ऐसी क्रूरतम ...

ब्रिटिश शासन के अंतर्गत स्थानीय स्वायत्त शासन के विकास

ब्रिटिश शासन के अंतर्गत स्थानीय स्वायत्त शासन के विकास:- भारत में स्थानीय स्वशासन का सदैव रहा है । भारत के प्राचीन और मध्ययुगीन इतिहास के अध्ययन से पता चलता है कि भारत में स्थानीय स्वशासन की एक लंबी परंपरा रही थी किंतु वर्तमान में जो स्थानीय स्वायत्त शासन पद्धति दिखती है उसका आरंभिक विकास ब्रिटिश शासन के अंतर्गत हुआ यद्यपि इस काल में स्थानीय स्वशासन का विकास तत्कालिक आर्थिक और राजनीतिक दबाव का परिणाम था। सबसे पहले 1687 में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने प्रेसिडेंसी नगरों में नगर निगम की स्थापना की अनुशंसा की , फिर 1793 के अधिनियम में पहली बार स्थानीय स्वायत्त शासन के स्थापना की मान्यता प्रदान की गई थी तथा उन नगरों में जस्टिस ऑफ peace की नीति की अनुशंसा की गई थी।  तथा 1842 में पहली बार ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्वायत्त संस्थान की स्थापना पर बल दिया गया किंतु वास्तविक रूप में स्थानीय स्वायत्त शासन की स्थापना के लिए गंभीर प्रयास उन्नीसवीं सदी के उत्तरार्ध में आरंभ हुआ।  लॉर्ड मेयो के काल में इस समय इस दिशा में एक व्यापक पहल देती है 1861 के अधिनियम में विकेंद्रीकरण किया आर...

भारतीय संविधान और अमेरिकी संविधान में अंतर, DIFFERENCE BETWEEN INDIAN AND AMERICA CONSTITUTION

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भारतीय संविधान और अमेरिकी संविधान में कुछ निम्नलिखित अंतर है :- 1. भारतीय संविधान 26 नंबर 1949  को बनकर त्यार हुआ था और 26 जनवरी 1950 से प्रभावी हुआ था ,  उसी तरह से अमेरिकी संविधान17 सितंबर 1787 में, संवैधानिक कन्वेंशन फिलाडेल्फिया (पेनसिलवेनिया) और ग्यारह राज्यों में सम्मेलनों की पुष्टि के द्वारा संविधान को अपनाया गया था। यह 4 मार्च 1789 को प्रभावी हुआ। 2. अमेरिकी संविधान और भारतीय संविधान दोनों का प्रस्तावना शुरुआत WE, THE PEOPLE OF........ से शुरु होता हैअर्थात संविधान जनताा ने बनााइ है। 3. अमेरिका में  कांग्रेस नामक एक  विधायिका गठन होंगे जिसमें दो सदन है - जिसमें निचले सदन को हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स तथा उच्च सदन को सीनेट कहा जाता है ।जबकि भारत में संसद में संसद में दो सदन है जिसमें निचले सदन को लोकसभा तथा ऊपरी सदन को राज्यसभा कहा जाता है। 4. अमेरिका में लोगों के लिए दोहरी नागरिकता पाई जाती है अर्थात एक संघ के लिए और दूसरे राज्य के लिए जबकि भारत में एकल नागरिकता पाई जाती है अर्थात भारतीय 5. अमेरिका में एक अध्यक्षतमक  लोकतंत्र है जहां...

CORONAVIRUS VACCINE - इजरायली मंत्री का दावा " हमने बना ली है कोरोना वेक्सीन"

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कोरोना वाइरस: इजरायल के रक्षा मंत्री ने बताया कि हमने कोरोना वैक्सीन बना ली Coronavirus के इस संकट के बीच इजरायल के रक्षा मंत्री ने कहा कि हमने कोरोना की वेक्सीन बना ली है। जो एक इस संकट के समय एक अच्छी खबर है। इजरायल के रक्षा मंत्री  नैफताली बेन्नेट (Naftali Bennett) ने सोमवार को कहा है कि इजरायल इंस्टीट्यूट फॉर बायोलॉजिकल रिसर्च (IIBR) ने कोरोना वायरस के एंटीबॉडी को अलग करने में सफलता हासिल कर ली है. बेन्नेट ने सोमवार को आईआईबीआर का दौरा भी किया.  बेन्नेट ने कहा, "मुझे बॉयोलॉजिकल स्टाफ पर गर्व है जिन्होंने इतनी बड़ी कामयाबी हासिल की है." बेन्नेट ने अपने बयान में कहा कि आईआईबीआर ने 'मोनोक्लोनल न्यूट्रिलाइजिंग एंटीबॉडी' विकसित कर ली है. इसका इस्तेमाल कोरोना वायरस को फैलाने वाले कैरियर बॉडी को न्यूट्रिलाइज करने में किया जा सकता है. IIBR को जो एंटीबॉडी मिला है वह मोनोक्लोनल है. यानी जो मरीज कोरोना वायरस के संक्रमण से ठीक हो चुके हैं, उनके SINGLE RECOVERED CELL ,गल रिकवर्ड सेल से इसे अलग किया गया है. इससे पहले जो एंटीबॉडी सेपरेट किए गए थे, वो पॉलीक्लोनल थे यानी...

आंगल मैसूर युद्ध की कारण और व्याख्या Anglo mysore war cause and explanation

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आंगल मैसूर युद्ध की व्याख्या:- जब से दक्षिण में ब्रिटिश कंपनी के शक्ति का उद्भव हुआ तब कंपनी ने मैसूर को हमेशा एक महत्वपूर्ण शक्ति के रूप में देखती थी । दक्षिण में मैसूर राज्य जैसी एक प्रगतिशील राज्य की उपस्थिति ब्रिटिश राज्य के आर्थिक एवं सामरिक हितों के लिए प्रबल चुनौती थी। ◆◆ यह युद्ध चार बार हुआ परन्तु अंग्रेज़ो की सफलता चौथी बार मे मिली:- 1. पहला आंग्ल मैसूर युद्ध 1767 से 1769 के बीच और यह सन्धि के साथ विराम हुआ 2 दूसरा आंग्ल मैसूर युद्ध  1780 से 1784 3 तीसरा अंगलो मैसूर युद्ध  1790 से 1792 4 चौथा आंग्ल मैसूर युद्ध  1798 से 1799 इसी में टीपू की मौत हो गई थी और अब मैसूर पर पुराने वादयर वंश की स्थापना हुई। आंग्ल मैसूर युद्ध के कारण  :- 1.  दक्षिण के मसाले के व्यापार में अंग्रेजो की रुचि परंतु उस पर मैसूर का अधिकार था। 2. कंपनी के दक्षिण केंद्र मद्रास पर मैसूर के द्वारा आक्रमण का खतरा बन रहा था 3. मैसूर एवं फ्रांसीसी के बीच बढ़ती हुई घनिष्ठता विस्तार :- टीपू 1 .दक्षिण के मसाले व्यापार में अंग्रेजों ने अत्यधिक रुचि थे परंतु मसाला ...

भारत में अंग्रेजों की भू राजस्व नीति और प्रभाव

भारत में अंग्रेजों की भू राजस्व नीति:- पृष्ठभूमि  - भारत में ब्रिटिश भू राजस्व नीति आवश्यक रूप से ब्रिटिश औपनिवेशिक हित से परचलित होती रही है। उसके लिए भारत में कृषि का विकास अथवा किसानों का सुरक्षा महज एक द्वितीय उद्देश्य था , इस का प्राथमिक उद्देश्य अधिकतम रूप से भू राजस्व की वसूली थी।  कुछ ब्रिटिश पक्षधर विद्वानों ने राजस्व वसूली स्थाई बंदोबस्त ,रैयतवारी व्यवस्था, महालवाड़ी व्यवस्था उपर्युक्त तीनों अतिथियों के विकास में विचारधारा की भूमिक को निर्णायक करार दिया है किंतु परीक्षण करने पर यह ज्ञात होता है कि इसके विकास विचारधारा की तुलना में भौतिक अभिप्रेरणा अधिक निर्णायक सिद्ध हुई थी। स्थाई बंदोबस्त व्यवस्था:-   ◆◆ इसे 1793 में कर्नवालिश के द्वारा लागू किया गया था।◆◆यह बंगाल ,उत्तर प्रदेश ,बनारस ,उत्तर कर्नाटक में लागू हुआ था। ◆◆ यह समस्त ब्रिटिश भारत के 19% भूमि पर लगा हुआ था। ◆◆भूमि का अधिग्रहण सदैव जमींदार को होता था इसके विकास में फ्रांसीसी प्रकृति तंत्रवादियों का प्रभाव बताया जाता है तथा ऐसा माना जाता है कि उपर्युक्त दृष्टिकोण से परिचालित होकर लार्...

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प्रोटेम अध्यक्ष ,प्रोटेम स्पीकर, Protem speaker

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प्रोटेम स्पीकर (protem speaker) जब नई लोकसभा का गठन होता है तो राष्ट्रपति नवनिर्वाचित सदस्यों में से सबसे श्रेष्ठ अर्थात वरिष्ठ सदस्य को प्रोटेम अध्यक्ष को नियुक्ति करता है । प्रोटेम स्पीकर का 2 कार्य होता है :- 1.निर्वाचित सदस्यों सांसदों को शपथ दिलवाना 2. लोकसभाअध्यक्ष का निर्वाचन करना पहली लोकसभा 1952 का प्रोटेम स्पीकर  गणेश वासुदेव मावलंकर  थे। अन्य सदस्यों की जानकारी के लिए click here Thanks for रीडिंग

भारत का महान्यायवादी (एटर्नी जनरल आफ इंडिया) ATTORNEY GENERAL OF INDIA.

भारत का महान्यायवादी ◆◆ इसके लिए पद का सृजन भारत के संविधान में आर्टिकल 76 में किया गया है तथा इसी के समान राज्य में महाधिवक्ता होती है उसके लिए पद का सृजन  आर्टिकल 123 में किया गया है ◆ भारत सरकार का वकील है । भारत सरकार का प्रथम विधि अधिकारी माना जाता है । ◆संविधान के अनुच्छेद 76 में महान्यायवादी पद से संबंधित प्रावधान है। ◆ ईसकी नियुक्ति राष्ट्रपति करता है प्रधानमंत्री की सलाह पर। ◆ योग्यताएं सुप्रीम कोर्ट के जज बनने की योग्यता महान्यायवादी रखता है। ◆ कार्यकाल यह राष्ट्रपति के प्रसाद पर यंत्र पद धारण करता है। राष्ट्रपति जब चाहे मंत्रिपरिषद की सलाह पर इसे हटा सकता है। ◆ कार्य इसका कार्य विभिन्न न्यायालयों में भारत सरकार का पक्ष रखना है तथा कानूनी मामलों में भारत सरकार को सलाह देना है ◆ वेतन - संविधान के अनुसार इसे वहीं परिश्रमिक या मानदेय दिया जाएगा जो राष्ट्रपति समय-समय पर निर्धारित करेगा । राष्ट्रपति ने आदेश जारी करके या निर्धारित किया है कि महान्यायवादी को सुप्रीम कोर्ट के जज के वेतन के बराबर मानदेय दिया जाएगा। महान्यायवादी के बारे में अब अन्य मुख्य ब...

हम कथा सुनाते राम सकल गुणधाम की , Ham katha sunate ram sakal gundham ki

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हम कथा सुनाते राम सकल गुणधाम की , यह रामायण है पुण्य कथा श्री राम की----- -2 जम्बू द्वीपे ,भरत खंडे , आर्यावर्ते , भरत वर्षे ,  एक नगरी है विख्यात  अयोध्या  नाम की। ये ही जन्म भूमि है परम पूज्य श्री राम की ... हम कथा सुनाते राम सकल गुण धाम की, यह रामायण है पुण्य कथा श्री राम की,  यह रामायण है पुण्य कथा श्री राम की।।। रघुकुल के राजा धर्मात्मा ,चक्रवर्ती दशरथ पुण्यात्मा ;  संतति हेतु यज्ञ करवाया , धर्म यज्ञ का शुभ फल पाया ..... नृप घर जन्मे चार कुमारा ,रघुकुल दीप जगत आधारा ; चारों भ्रतोंके शुभ नाम : भरत शत्रुघ्न लक्ष्मण रामा... गुरु वशिष्ठ के गुरुकुल जाके अल्प काल विद्या सब पाके ,  पूरण हुयी शिक्षा रघुवर पूरण काम की .....    यह रामायण है पुण्य कथा श्री राम की।। विश्वामित्र महामुनि राई , इनके संग चले दोउ भाई ;  कैसे राम तड़का मारी ,कैसे नाथ अहिल्या तारी ; मुनिवर विश्वामित्र तब संग ले लक्ष्मण , राम ;  सिया स्वयंवर देखने पहुंचे मिथिला धाम ........ जनकपुर उत्सव है भारी ,जनकपुर उत्सव है भारी .... अपने वर का चयन...