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ANI INTERVIEW WITH THE CHAIRMAN OF RRB

1.40, 50 और 60 छात्ोंके तीन बेचोंका औसत अंक क्रमिः 30, 40, 40 है। सभी छात्ोंका औसत अंक क्या है? 37.33 25 33.33 26.57 2.After a certain increase in the number of students the class becomes 3 times the half of its previous size. How much is the increase? यशद शवद्याशथियोंकी संख्या मेंएक शनशित संख्या तक वृद्धि करनेके पिात, कक्षा मेंशवद्याशथियों की संख्या, पूविसंख्या के आधेकी तीन गुना हो जाती है, वृद्धि का प्रशतित ज्ञात कीशजये। 25% 30% 35% 50% 3.The sum of 6 consecutive odd numbers is 456. Also average of 8 consecutive even numbers is 29, What is the average of the second largest odd number and second smallest even number? 6 क्रमागत शवषम संख्याओंका योग 456 है। साथ ही 8 क्रमागत सम संख्याओंका ओसत 29 है। शितीय सबसेबडी शवषम संख्या और शितीय सबसेछोटी सम संख्या का औसत क्या होगा? 50.5 51.5 52.5 ज्ञात नहींशकया जा सकता / Can’t be determined

महारत्न, नवरत्न और मिनीरत्न कंपनियों का चुनाव कैसे किया जाता है? भारत में महारत्न, नवरत्न और मिनीरत्न कंपनियों की सूची:-

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महारत्न, नवरत्न और मिनीरत्न कंपनियों का चुनाव कैसे किया जाता है ? वर्तमान में भारत में 10 महारत्न कम्पनियाँ,14 नवरत्न कम्पनियाँ हैं और 73 मिनीरत्न कंपनियों को श्रेणी 1 और श्रेणी 2 में बांटा गया है.  केन्द्र सरकार ने केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (CPSEs) को महारत्न, नवरत्न और मिनीरत्न का दर्जा देने के लिए पात्रता मानदंड निर्धारित किया है.  किसी कंपनी को महारत्न कम्पनी बनने के लिए निम्न मापदंडों को पूरा करना होता है; 1.  कंपनी को नवरत्न कंपनी होना चाहिए. 2.  कम्पनी को भारतीय शेयर बाजार में पंजीकृत होना चाहिए और सेबी द्वारा तय की गयी सीमा के हिसाब से कुछ शेयर आम लोगों के पास होने चाहिए. 3 . पिछले 3 वर्षों के दौरान कंपनी का  औसत वार्षिक कारोबार (Average annual turnover) 25,000 करोड़ रुपये  से अधिक का होना चाहिए. 4.  पिछले 3 वर्षों के दौरान कंपनी की  कुल औसत वार्षिक संपत्ति 15,000 करोड़ रुपये  से अधिक होनी चाहिए. 5.  पिछले 3 वर्षों के दौरान ‘कर चुकाने’ के बाद  कंपनी का कुल लाभ 5,000 करोड़ रुपये से अधिक  होना चाहिए. ...

बह्मचर्य पर हमारे ऋषियों के विचार तथा इसके लाभ और इसे पालन करने के उपाय (सत्यार्थ प्रकाश)

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  हमारे ऋषि यों ने ब्रम्हचर्य पर बहुत सारी बातें कहे हैं जिनमें उनका मुख्य उद्देश्यय है वीर्य का संरक्षण करना होता है और इसके लाभ और इसे संरक्षण के उपाय बतलाये है। ब्रह्मचर्य का प्रथम अर्थ संभोग की शक्ति का संचय करना। दूसरा अर्थ शिक्षा और ‍भक्ति का संचय करना और तीसरा अर्थ ब्रह्म की राह पर चलना। अर्थात सिर्फ संचय ही संचय करना। कुछ भी खर्च नहीं करना। हमारी ऋषि यों ने यह भी लिखा है कि लोगों को भी वीर्य के हानि और लाभ दोनों बदला देनी चाहिए  और जबसे ब्रह्मचर्य श्री की शिक्षा मिल जाये तभी से इसे पालन करे। जिनमें निम्नलिखित हैं:- 1. ऋषियों ने कहा है कि प्रत्येक बच्चे को 8 वर्ष की आयु से उनके माता-पिता को कर्तव्य बनता है कि वह उनके वीर्य की रक्षा में आनंद और उसका लाभ बदला दें और यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो उन्हें वीर्य क्षरण से होने वाले जनार्दन दुख को भी बता दे अर्थात वीर्य संरक्षण से होने वाले सभी लाभकारी उपायों को बतलाए और शिक्षा दें। ऋषियों द्वारा बतायी गयी वीर्य रक्षा के लाभ:- उनके अनुसार जिसके शरीर में वीर्य होती है तथा संरंक्षित होते हैं वे आरोग्य होते हैं अर्थात उनमें रोग नहीं...

ब्रह्मचारी व्रत में स्थित होने का क्या अर्थ है अर्थात ब्रह्मचर्य क्या है तथा कैसे पालन करे?

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प्रशान्तात्मा विगतभीब्रह्मचरिव्रते स्थितः । मन: सयंमय मच्चितो युक्त आसीत मतपर: ।। यहां ब्रह्मचारी व्रत में स्थित होने का क्या अर्थ है? ब्रह्मचारी का तात्विक अर्थ  दूसरा  होने पर भी यहां वीर्यधारण उसका एक प्रधान अर्थ है और फिर धारण अर्थ है प्रसंगा कूल भी है। मनुष्य के शरीर में वीर्य एक ऐसा अमूल्य वस्तु है जिसकी भली-भांति संरक्षण किए बिना शारीरिक, मानसिक अथवा आध्यात्मिक किसी प्रकार का बल ना तो प्राप्त होता है ना ही उसका संचय ही होता है इसलिए आर्य संस्कृति में चारों आश्रमों में ब्रह्मचर्य प्रथम आश्रम है जो आगे तीनों आश्रम की नींव होती है। ब्रह्मचर्य आश्रम में ब्रह्मचारी के लिए बहुत से नियम बनाए गए हैं जिनके पालन से वीर्यधारण में बड़ी भारी सहायता मिलती है। वीर्यधारण के फायदे क्या है? ब्रह्मचर्य के पालन से यदि वास्तव में वीर्य भली-भांति धारण हो जाए तो उस वीर्य से शरीर के अंदर एक विलक्षण विद्युत शक्ति उत्पन्न होती है और उसका तेज इतना शक्तिशाली होता है कि उस तेज के कारण अपने आप ही प्राण और मन की गति स्थिर हो जाती है और चित्त का  एकतानप्रवाह धेय्य वस्तु की ओर स्वभाविक ही होने ल...

बिहार विधानसभा चुनाव 2020: पीएम नरेंद्र मोदी, स्मृति ईरानी, ​​बीजेपी के स्टार प्रचारकों में योगी आदित्यनाथ

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  PATNA:  भारतीय जनता पार्टी ने रविवार (11 अक्टूबर) को आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के चरण 1 के लिए 30 स्टार प्रचारकों की सूची जारी की।  प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी, ​​उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र के पूर्व सीएम देवेंद्र फड़नवीस पार्टी के कुछ नेताओं में शामिल थे सूची। बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के लिए भाजपा के 30 स्टार प्रचारकों की सूची नीचे दी गई है 1. Narendra Modi 2. JP Nadda 3. Rajnath Singh 4. Amit Shah 5. Sanjay Jaiswal 6. Sushil Modi  7. Bhupendra Yadav 8. Devendra Fadnavis 9. Radha Mohan Singh 10. Ravi Shankar Prasad 11. Giriraj Singh 12. Smriti Irani 13. Ashwani Kumar Choubey 14. Nityanand Rai 15. RK Singh 16. Dharmendra Pradhan 17. Yogi Adityanath  18. Raghuvar Das 19. Manoj Tiwari 20. Babu Lal Marandi 21. Nand Kishore Yadav 22. Mangal Pandey 23. Ram Kripal Yadav 24. Sushil Singh 25. Chhedi Paswan 26. Sanjay P...

Election process in america

 द इलेक्शन प्रोसेस इन अमेरिका वहां पर राष्ट्रपति का चुनाव अप्रत्यक्ष तरीके से होता है राष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया इलेक्ट्रोल कॉलेज अर्थात भारत के संदर्भ में निर्वाचक मंडल अर्थात एमपी की तरह अमेरिका में नागरिक इलेक्ट्रोल कॉलेज को चुनते हैं जैसे भारत के प्रधानमंत्री के चुनाव के लिए लोग सांसद को चुनते हैं और फिर सांसद मिलकर देश के प्रधान को चुनते हैं। चुनावी प्रक्रिया:-  2020 को ध्यान में रखकर स्टेप1 मई/जून/जुलाई इस महीने में वहां पर इंटेंशन अनाउंसमेंट होता है इसमें जो अमेरिका के राष्ट्रपति बनना चाहते हैं वह अपना इरादा प्रकट करते हैं और इसकी संख्या भी लगभग 50 की मात्रा में होती है स्टेप2:- यह प्रक्रिया जून 2019 से शुरू होकर के जून 2020 तक संपन्न हो जाती हैं इसमें दो तरह के होते हैं पहला प्राइमरी और दूसरा क्वेश्चन इसमें होता क्या है कि primaries में स्टेट तय करते हैं कि हमारी राष्ट्रपति के प्रतिनिधि कौन होगा औरcaucuses में पार्टी तय करती है कि हमारे राष्ट्रपति का उम्मीदवार अर्थात प्रतिनिधि हमारे क्षेत्र से कौन चुने जाएंगे और यह दोनों मिलकर प्रेसिडेंशियल  नॉमिनी कन्वेंशन ...

प्रेम: विवाह से पहले या बाद

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  क्या है सही रास्ता प्रेम: विवाह के पहले या बाद>> मैंने अपने आसपास के कोई 10या20 युवाओं से बात की, उनकी उम्र लगभग गए 25 के आसपास है।और उनमें से ज्यादातर विवाह के आवस्यकता पर प्रश्नचिन्ह लगाते देखें, क्योंकि प्रेम यां उनके शब्दों में कहा तो कंपैटिबिलिटी यानी आपसी सामंजस्य के बिना साथ रहने का औचित्य ही क्या और जब प्रेम हो गया तब किसी और बंधन की आवश्यकता ही क्या है? कुछ हद तक तो वह ठीक भी है... प्रेम को स्त्री पुरुष के संदर्भ में रूमानी तौर पर परिभाषित करने पर जटिलता बढ़ जाती है। मानव मन में इतने सारे जंजाल होते हैं कि सही रास्ता पकड़ना बड़ा मुश्किल हो जाता है और प्रसंग विवाह का हो तो प्रेम जैसे छलिया बन जाता है।  ना जाने किस-किस रूप में विध्वमान रहता है... कभी होकर भी ,ना होने का स्वांग रचता है और ना हो तो अपने होने का ढोंग भी करता है।  प्रेम और विवाह यूं तो एक ही सिक्के के दो पहलू माने जा सकते हैं, परंतु यह भी सच है कि सिक्के में कभी एक चेहरा ऊपर आता है तो कभी दूसरा। यानी यह जरूरी नहीं है कि वैवाहिक जोड़े में प्रेम हो या हर प्रेमी विवाह के बंधन में बंधना ही चाहे।...

LNMU PHYSICS HONOURS PART3 QUESTIONS 2020

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LNMU PHYSICS HONOURS PART3 QUESTIONS 2020 Full marks-100. Pass marks-45 PAPER -5 Q1 .  answer any four question of the following    (a)what do you mean by holonomic and nonholonomic constraint?   (b)explain inertial and noninertial frame of references.   (c) state and explain the D alembert's principle.    (d)write down the probability theorem of statistical thermodynamics.    (e) what do you mean by wave particle duality of nature .   (f)what is principle of virtual work explain it.                                GROUP-A Q2 . deduce the Schrodingerr's time dependent and time dependent equation for matter wave. explain the physical significance of wave function ¥. Q3 .explain Coriolis and centrifugal forces mention their simple application and obtain an explicit expression for each of them. Q4 . explain Hamilton principle and use it to deduce Ham Lint...